लाड़ली श्यामा जू,रख लो हमें बरसाने में,मेरा मन ही ना लागे,ज़माने में,मेरा दिल ही ना लागे,ज़माने में,लाड़ली श्यामा जु,रख लो मुझे बरसाने में।। तर्ज – श्री राम जानकी बैठे है। ये पथ है विशाल,मैं तो रीती हूँ,मेरी धीमी है चाल,मैं तो चींटी हूँ,थक ना जाऊँ कहीं,आने जाने में,थक ना जाऊँ कहीं,आने जाने में,लाड़ली श्यामा जु,रख लो मुझे बरसाने में।। आप सुनती रहे,मैं सुनाती रहूं,आप रूठी रहे,मैं मनाती रहूं,अच्छी गुजरेगी,सुनने सुनाने में,अच्छी गुजरेगी,सुनने सुनाने में,लाड़ली श्यामा जु,रख लो मुझे बरसाने में।। आप तो हमको,बुलाते रहे,आप भर भर के,हमको पिलाते रहे,मेरे पाप करम,आड़े आते रहे,माफ़ कर दो,हुआ जो अनजाने में,माफ़ कर दो,हुआ…
Author: Aman Lalani
Surah Hujurat is the 49th chapter of the Holy Quran, and it addresses the rules of conduct in society and emphasizes unity and respect among Muslims. This Surah is considered important because it provides guidance on how Muslims should behave with one another, and how they can maintain a harmonious society. Many people are interested in downloading the full Surah Hujurat PDF to study and reflect on its teachings. The Quran is available in various formats, including PDF, and can be easily downloaded from a variety of online sources. When downloading the Surah Hujurat PDF, it is important to ensure…
मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला,हरे नंदलाला हरे गोपाला,मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला।। हो मुरली की आवाज,मन्नै कुए प सुणी थी,हो नेजु कुए में छोड आई रे,नंदलाला,हरे नंदलाला हरे गोपाला,मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला।। हो मुरली की आवाज मन्नै,बागां में सुणी थी,हो फुलड़ा तोड़ती भाज आई रे,नंदलाला,हरे नंदलाला हरे गोपाला,मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला।। हो मुरली की आवाज मन्नै,महलां में सुणी थी,हो ललवा रोवता छोड़ आई रे,नंदलाला,हरे नंदलाला हरे गोपाला,मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला।। हो मुरली की आवाज मन्नै,खाटु में सुणी थी,हो मै भक्तां ने ले आई रे,नंदलाला,हरे नंदलाला हरे गोपाला,मुरली जोर की बजाई रे नंदलाला।।…
सदाशिव सर्व वरदाता,दिगम्बर हो तो ऐसा हो,हरे सब दुःख भक्तों के,दयाकर हो तो ऐसा हो,सदाशिंव सर्व वरदाता,दिगम्बर हो तो ऐसा हो।। तर्ज – हमें निज धर्म पर चलना। शिखर कैलाश के ऊपर,कल्पतरुओं की छाया में,रमे नित संग गिरिजा के,रमणधर हो तो ऐसा हो,सदाशिंव सर्व वरदाता,दिगम्बर हो तो ऐसा हो।। शीश पर गंग की धारा,सुहाए भाल पर लोचन,कला मस्तक पे चन्दा की,मनोहर हो तो ऐसा हो,सदाशिंव सर्व वरदाता,दिगम्बर हो तो ऐसा हो।। भयंकर जहर जब निकला,क्षीरसागर के मंथन से,रखा सब कण्ठ में पीकर,कि विषधर हो तो ऐसा हो,सदाशिंव सर्व वरदाता,दिगम्बर हो तो ऐसा हो।। सिरों को काटकर अपने,किया जब होम रावण ने,दिया…
जग रूठे पर मुझसे मेरी माँ ना रूठे,और जियूँ मैं जब तक,माँ तेरा दरबार ना छुटे,जग रूठें पर मुझसे मेरी माँ ना रूठें,जियूँ मैं जब तक,माँ तेरा दरबार ना छुटे,जय जय माँ माँ माँ,जय जय माँ माँ माँ,मेरी माँ माँ माँ,जय जय माँ माँ माँ।। एक तेरे भरोसे पर मैंने,अपनी ये नाव चलाई है,लाखों तुफा आए लेकिन,मेरी नाव ने मंजिल पाई है,मेरी नाव ने मंजिल पाई है,हाथों से तेरे मेरी पतवार ना छुटे,और जियूँ मैं जब तक,माँ तेरा दरबार ना छुटे,जग रूठें पर मुझसे मेरी माँ ना रूठें,जियूँ मैं जब तक,माँ तेरा दरबार ना छुटे,जय जय माँ माँ माँ,जय जय…
परिवार मेरा तेरे हवाले,खाटु वाले ओ खाटु वाले,खाटु वाले ओ खाटु वाले,परिवार मेरा परिवार मेरा,खाटू वाले ओ खाटू वाले,खाटू वाले ओ खाटू वाले।। तर्ज – जाने वाले ओ जाने वाले। चलना साथ साथ बाबा,मेरी राहो में,अगर गिर मैं जाऊ कही,उठा लेना बाहों मेंतेरे सिवा मुझको,तेरे सिवा मुझको,कौन संभाले,खाटू वाले ओ खाटू वाले,खाटू वाले ओ खाटू वाले।। मुझे डर हैं तो केवल,संसार का,क्यूँ कि हमारे सर पर,बोझ परिवार का,थोड़ा बोझ मेरा,थोड़ा बोझ मेरा,तू भी उठा ले,खाटू वाले ओ खाटू वाले,खाटू वाले ओ खाटू वाले।। तू तो हारे का सहारा,मेरा श्याम है,एक मैं अकेला ‘बेधड़क’,और लाखो काम है,जरा हाथ आकर,जरा हाथ आकर,मेरा…
मधुबन में राधिका नाचे रे,गिरधर की मुरलिया बाजे रे,मधुबन में राधिका नाचे रे।। पग में घुंघर बांधके,पग में घुंघरु बांधके,घुंघटा मुख पर डार के,नैनन में कजरा लगाके रे,मधुबन में राधिका नाचे रे।। डोलत छम छम कामिनि,डोलत छम छम कामिनि,चमकत जैसे दामिनी,चंचल प्यारी छव लागे रे,मधुबन में राधिका नाचे रे।। मृदंग बाजे तिरकिट धूम,तिरकिट धूम ता ता,नाचत छूम छूम ताथई,ताथई ता ता छूम छूम,छा ना ना ना,छूम छूम छा ना ना ना,क्रांध क्रांध क्रांध धा,धा धा धा,मधूबन में राधिका नाचे रे,मधुबन में राधिका,नी सा रे सा,गा रे मा गा,पा मा धा पा,नी धा सां नी रें सां रे सा,नी धा पा…
आना पवन कुमार,हमारे हरी कीर्तन में।।श्लोक – वीर बजरंग आपको,आज हम बुलाते है,वो उत्सव सफल हो जाता है,जहाँ आप आ जाते है। आना पवन कुमार,हमारे हरी कीर्तन में,आना अंजनी के लाल,हमारे हरी कीर्तन में,आना पवनकुमार,हमारे हरी कीर्तन में।। आप भी आना संग में,रामजी लाना,लाना जनक दुलार,हमारे हरी कीर्तन में,आना अंजनी के लाल,हमारे हरी कीर्तन में।। भरत जी को लाना,लक्ष्मण जी को लाना,लाना सब परिवार,हमारे हरी कीर्तन में,आना अंजनी के लाल,हमारे हरी कीर्तन में।। कृष्ण जी को लाना,और राधा जी को लाना,लाना लखदातार,हमारे हरी कीर्तन में,आना अंजनी के लाल,हमारे हरी कीर्तन में।। शिव जी को लाना,मैया जी को लाना,लाना मदन मुरार,हमारे हरी…
Surah Fath is the 48th chapter of the Holy Quran, and it discusses the victory of the Muslims at the Battle of Badr and the importance of belief in God’s guidance. This Surah is considered one of the most important chapters of the Quran, as it emphasizes the power of faith and the importance of relying on God for guidance. Many people are interested in downloading the full Surah Fath PDF to study and reflect on its teachings. The Quran is available in various formats, including PDF, and can be easily downloaded from a variety of online sources. When downloading…
Surah Muhammad is the 47th chapter of the Holy Quran and is a tribute to the Prophet Muhammad, highlighting his qualities and the importance of following his example. The Surah consists of 38 verses and is a must-read for all Muslims. Many people are interested in downloading the full Surah Muhammad PDF to study and reflect on its teachings. The Quran is available in various formats, including PDF, and can be easily downloaded from a variety of online sources. When downloading the Surah Muhammad PDF, it is important to ensure that the source is reliable and trustworthy. Some websites may…